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गुरुवार, 10 जून 2010
"पौरुष और कला" - यादवचंद्र
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जनपक्ष के पिछले अंकों में आप यादवचंद्र जी के प्रबंध काव्य "परंपरा और विद्रोह" के दो सर्ग पढ़ चुके हैं। इस काव्य का प्रत्येक सर्ग...
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रविवार, 16 मई 2010
"मनुष्य का विकास"
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ज नपक्ष में आप यादवचंद्र जी के प्रबंध काव्य "परंपरा और विद्रोह" का प्रथम सर्ग धरती माता पढ़ चुके हैं। इस काव्य का प्रत्येक सर...
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रविवार, 25 अप्रैल 2010
"धरती माता" यादवचंद्र के प्रबंध काव्य "परंपरा और विद्रोह" का प्रथम सर्ग
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या दवचंद्र जी से शायद आप परिचित न हों, उन के परिचय के लिए उन की एक रचना से साक्षात्कार ही पर्याप्त है। अनवरत पर उन की कुछ रचनाएँ मैं ने प...
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