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रविवार, 2 जनवरी 2011

ग्वालियर में बिनायक सेन के समर्थन में धरना

पूर्वघोषित कार्यक्रम के अनुसार आज ग्वालियर में महाराज बाड़े चौराहे पर जनसंगठनों के अम्ब्रेला ग्रुप 'पीपुल्स इनिशियेटिव फ़ार इक्विटी एण्ड जस्टिस' के बैनर तले डा बिनायक सेन की रिहाई की मांग को लेकर धरना तथा आमसभा आयोजित की गयी। सभा में आमराय से पास प्रस्ताव में डा सेन की रिहाई की माँग की गयी।

कार्यक्रम का विषयप्रवर्तन करते हुए युवा कवि अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि आज देश में फासीवाद की स्पष्ट आहट सुनाई दे रही है। देश भर में काले क़ानूनों के पैरों तले जनता की आवाज़ को कुचला जा रहा है। डा सेन की गिरफ़्तारी इसी सिलसिले का हिस्सा है। सरकारें विरोध करने वालों को एक संदेश देना चाहती हैं। लेकिन आज देश भर में जिस तरह डा सेन के पक्ष में आवाज़ें उठ रही हैं, यह भी साफ़ है कि लोग अब और बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं हैं।

सी पी आई के राजेश शर्मा ने कहा कि बिनायक सेन की सज़ा लोकतंत्र की हत्या है। माओवाद के नाम पर चल रहे हिंसक आंदोलन के हम विरोधी हैं लेकिन सरकारें इसकी आड़ लेकर जिस तरह आम लोगों की पक्षधर ताक़तों को कुचल रही हैं वह जन विरोधी है।

का नरेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि आज अगर हम बिनायक सेन के समर्थन में साथ खड़े नहीं होंगे तो कल बहुत देर हो जायेगी। इंजी सुभाष शर्मा ने कहा कि ग्वालियर की यह सभा देश भर में चल रहे अभियान का हिस्सा है। ट्रेडयूनियन कर्मी विनोद रावत ने कहा कि भूमण्डलीकरण के नाम पर पूरे देश में सरकार जनता के दमन का अभियान चला रही है।

संस्कृतिकर्मी डा मधुमास खरे ने कहा कि एक तरफ़ भ्रष्टाचारी ख़ुलेआम घूम रहे हैं और दूसरी तरफ़ जनता के पक्ष में खड़े डा सेन जैसे लोगों कि राजद्रोही कहा जा रहा है। एटक के सतीश गोविला ने कहा कि सरकारें अब पूंजीपतियों के एजेंट की तरह काम कर रही हैं। इण्डियन लायर्स एसोशियेसन के नितिन शर्मा ने कहा कि यह पूरा मुक़दमा झूठे और भ्रामक सबूतों पर टिका है।

सभा की शुरुआत में ग्वालियर के नियान एक्स बैण्ड के गैरी, सिद्धार्थ और कौशल ने जनगीतों की प्रस्तुति की। सभा का संचालन इण्डियन लायर्स एसोशियेसन के का गुरुदत्त शर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डा एस के सिंह ने किया। सभा में दख़ल विचार मंच, समाजवादी पार्टी, संवाद, बीड़ी मज़दूर यूनियन,मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव यूनियन, संभव, संवाद सहित तमाम संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

5 टिप्‍पणियां:

  1. ashok bhai
    bahut sarthak kary kar rahe hain aap log!apka ye virodh kitna aur kahan tak pahuchega ye nahin jante,lekin ap ek anyaay ka virodh ''dharne''ke roop me darz kara rahe hain ,yah ek sarthak kadam hai vyavastha ke khilaaf..nissandeh !

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  2. सच का समर्थन, सच के लिए लड़ाई, सच की मांग... प्रतिकूल परिस्थितियों में आस, विश्वास, इंसानियत और न्याय की ललकार...

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स्वागत है समर्थन का और आलोचनाओं का भी…