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बुधवार, 21 अगस्त 2013

डा नरेंद्र दाभोलकर की नृशंस ह्त्या हमारी अग्रगामी चेतना की हत्या की कोशिश है

(स्वतंत्र भारत के इतिहास में डा नरेंद्र दाभोलकर की नृशंस ह्त्या हमारी अग्रगामी चेतना की हत्या की कोशिश है. यह एक प्रगतिशील मुल्क बनाने के हमारे सपने की हत्या की कोशिश है. इसकी निंदा करना तो बस एक सड़ी हुई परम्परा का निर्वाह होगा...यह असल में हमारे ताज़ा परम्परा निर्माण की कोशिशों की हत्या है. जिस निष्ठा के साथ वह लगातार पुरातनपंथी अंधविश्वासों से लड़ रहे थे, वह इन प्रतिगामी शक्तियों के अलमबरदारों को असह्य था. वे तर्कों में उनका मुक़ाबिला नहीं कर सकते थे तो उन्हें गोली मार दी. इसके पहले भी कई बार इन ताक़तों ने उनकी आवाज़ दबाने की कोशिशें की थीं. लेकिन वे नहीं जानते कि व्यक्ति के मरने से विचार नहीं मरते. उन विचारों के वाहक लाखों की संख्या में हैं और कटिबद्ध हैं. 

हम सभी वैज्ञानिक चेतना को अंगीकार करने वाले लोग इस घटना से आहत हैं, संतप्त हैं, क्रुद्ध हैं. हम इसकी निंदा कठोरतम शब्दों में करते हैं और उन कायर हत्यारों तथा उनके पीछे की गलीज़ ताक़तों को बता देना चाहते हैं कि वे अपनी चाल में कभी क़ामयाब नहीं होंगे..हम होने नहीं देंगे.

यह उस पत्र का ड्राफ्ट है जो हमने मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र सरकार को भेजने के लिए तैयार किया है. आप सभी मित्रों से सुझावों और समर्थन की दरकार है. - जनपक्ष टीम )




प्रति

 मुख्यमंत्री , महाराष्ट्र सरकार

मान्यवर,


आपको ख़ूब विदित होगा कि आप जिस राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं , वहां प्रगतिशील विचारों की बड़ी समृद्ध परंपरा रही है . इस राज्य को शिवाजी महाराज से लेकर महात्मा फुले , सावित्री बाई फुले , डा बाबा साहब आम्बेडकर, आन्ना भाऊ साठे आदि का राजनीतिक सामजिक नेतृत्व प्राप्त हुआ है. यहाँ अंधश्रद्धा निर्मूलन के लिए समर्पित व्यक्तिव डा नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या इस गौरवशाली परंपरा पर आघात करने का एक सुनियोजित षड़यंत्र है .


यद्यपि आप और आपके साथ राज्य के सभी नेताओं ने इस हत्या की घोर निंदा की है और त्वरित कारवाई की इच्छाशक्ति जतलाई है .आपने हत्यारों के बारे में जानकारी देने वालों को १० लाख रुपये की इनाम राशि भी घोषित की है . लेकिन स्पष्ट और घृणित इरादे के साथ की गई इस हत्या के पीछे के षड्यंत्रकारियों की पहचान इतना जटिल भी नहीं है . डा दाभोलकर और उनके संगठन अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति    (अनस ) को राज्य भर में पर्याप्त जनसमर्थन हासिल था , जिसके कारण राज्य सरकार अंध श्रद्धा और काला जादू के खिलाफ कानून लाने के लिए विवश हो रही थी . आपको खूब ज्ञात है कि इस क़ानून का कहाँ से और कौन सी शक्तियां विरोध कर रही थी . इस तरह यह भी ज्ञात होना चाहिए कि हत्या का सूत्र कहाँ से जुड़ता है. यहाँ यह बता देना ग़लत न होगा कि एक दक्षिणपंथी हिन्दू संगठन सनातन संस्था ने दो महीने पहले मुंबई के आज़ाद मैदान में अपनी सभा में यह कहा था कि, 'डा डाभोलकर ने अपनी कार्यवाहियाँ नहीं रोकीं तो उनका भी वही हश्र होगा जो महात्मा गाँधी का हुआ था.


हम लेखक, कलाकार, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, सोशल मीडिया यूजर्स और वैज्ञानिक चेतना से जुड़े आम जनों का आपसे आग्रह है कि आप अपनी सरकार को डा दाभोलकर के हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ साथ वे सारे प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दें , जो डा दाभोलकर के अभियान के खिलाफ काम कर रहे व्यक्तियों और उनके संगठनों के षड्यंत्र को जाहिर कर सके और उनपर प्रतिबन्ध लगा सके . इस सन्दर्भ में सरकार एक श्वेत पत्र जारी करे कि किन कारणों से , किन परिस्थितियों में अंधश्रद्धा निर्मूलन क़ानून बनाने में सरकार असफल रही है . इसके साथ ही हम सभी आपसे आग्रह करते हैं कि अंधश्रद्धा और काला जादू के खिलाफ क़ानून लाकर और उनकी हत्या के स्थल पर उनकी प्रमिका लगाकर डा दाभोलकर को सच्ची श्रद्धांजलि दें .



हस्ताक्षर  
१-संजीव चन्दन
२-उमाशंकर सिंह
३-पंकज मिश्र
४-अशोक कुमार पाण्डेय
५-मनोज पाण्डेय
६-डा मोहन श्रोत्रिय
७-गिरिराज किराडू
८-आनंद कुमार द्विवेदी
९-गिरिजेश तिवारी
१०-आशीष मिश्रा
११-नूर मोहम्मद नूर
१२-कैलाश वानखेड़े
१३-दिगंबर
१४-प्रकाश के रे
१५-समर अनार्य
१६- सईद अयूब
१७-विमल चन्द्र पाण्डेय
१८-राजेश उत्साही
१९-ओमेश लखवार
२०-देवयानी भारद्वाज
२१-संजय सामंत
२२-अशोक वर्मा
२३-केशव तिवारी
२४-निलय उपाध्याय
२५-चन्दन कुमार मिश्र
२६-राजीव पाण्डेय'
२७- अनीता कुमार
२८-आशुतोष कुमार
२९ प्रोफ़ेसर गिरीश मिश्र
३०- आशीष देवराड़ी

28 टिप्‍पणियां:

  1. सहमत-
    सादर नमन इस महान विभूति को-

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  2. सभी आवश्यक पहलू आ गए पत्र में , बहुत अच्छा कदम है यह !

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  3. इस पत्र को मेरा भी पूर्ण समर्थन है |दाभोलकर जी ने जो मशाल जलाई ,उसे कोई नहीं बुझा सकता है |उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी |आज महाराष्ट्र सरकार अंधश्रद्धा निर्मूलन अध्यादेश लाने की बात कह रही है |

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  4. समर्थन है. मेरा भी नाम शामिल करेँ.

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  5. डा नरेंद्र दाभोलकर हम आपके द्वारा शुरू किए गये प्रगतिशील काम को अंत तक ले जाएँगे.

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  6. समाज में मौजूद तमाम रूढि़गत कूड़े-कचरे केखिलाफ़ मेरा भी एक हस्‍ताक्षर

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  7. बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा, और उसके समस्त कलाकार, साहित्यकार, रंगकर्मी, कार्यकर्ता नृशंस हत्या की निंदा करते हैं और देश के तमाम प्रगतिशील विचारधारा वाले लोगों के साथ अन्धविश्वास, रूढ़िवाद, कठमुल्लावाद के खिलाफ संघर्ष का संकल्प दुहराते हैं.

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  8. बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा, और उसके समस्त कलाकार, साहित्यकार, रंगकर्मी, कार्यकर्ता नृशंस हत्या की निंदा करते हैं और देश के तमाम प्रगतिशील विचारधारा वाले लोगों के साथ अन्धविश्वास, रूढ़िवाद, कठमुल्लावाद के खिलाफ संघर्ष का संकल्प दुहराते हैं.

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  9. मारने - मरने का अंदाज ,कैसा हो। …………।शरिर का दिल हो , या आत्मा का , सदर नमन ,विद्या सागर सिंह

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  10. मैं भी पुर्ण समर्थन देता हूं साथ ही हर प्रकार का सहयोग करने को तैयार

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  11. sirsa(haryana)ke prvudh nagrik dr.dabholkar ki htya ki ninda karte hain.hamlog sirsa men un kali takton ke khilaf roshmarch aayojit karenge jo unki htya karne ke liye zimmedar hain.

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  12. मैं अपनी सहमति व्यक्त करता हूँ|

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स्वागत है समर्थन का और आलोचनाओं का भी…