होली, दीवाली, न्यू ईयर, क्रिसमस पर तो मोबाइल पर मैसेजेस का ढेर लगना आम बात है. हर दो मिनट पर टूं-टूं की आवाज के साथ एक संदेश इनबॉक्स में इन होता है. लेकिन पंद्रह अप्रैल को ठीक उस वक्त जब डॉ. विनायक सेन की जमानत याचिका मंजूर हुई मेरे इनबॉक्स में पहला मैसेज दाखिल हुआ विनायक सेन को जमानत मिल गई...तो मन प्रसन्न हो गया. तुरंत टीवी ऑन किया. खबरों का रुख किया. तबसे लगातार इनबॉक्स में देश भर से बधाई संदेश आते जा रहे हैं. हर संदेश के साथ भरोसा जागता है कि लोग जागरूक हो रहे हैं. सोचा क्यों न कुछ संदेशों को साझा किया जाए. यूं सबके इनबॉक्स ऐसे ही भरे होंगे यह यकीन है मुझे फिर भी मैं अपना इनबॉक्स खाली कर रही हूं आप लोगों के बीच.
कॉन्ग्रेट्स दी- बिनायक सेन हैज गॉट बेल- आरुषि दिल्ली
बल्ले-बल्ले मैम. बिनायक सेन को मिल गई जमानत- अभय मिश्रा, दिल्ली
लंबी है गम की रात, मगर रात ही तो है...आखिर कट गई ना गम की रात. बधाई- अनुपम लखनऊ
हमको पता था कि जंजीरों में सच को कोई जकड़ नहीं पायेगा, एक न एक दिन वो सबके सामने आयेगा, जरूर आयेगा. हम सबको बधाई- रवि मिश्रा, कानपुर
देर लगी आने में सही जजमेंट, शुक्र है फिर भी आया तो- अशिमा, बंगलौर
ये बिनायक सेन की ही नहीं न्याय पर भरोसे की जीत है. लोकतंत्र की जीत है.- विनीत, कोलकता
पहले अन्ना फिर बिनायक सेन की हो गई है जीत, पुरानी पड़ जायेगी अब अन्याय और जुल्म की रीत- मनीषा, लखनऊ
लो रखो अपने महल-दुमहले, हम तो अपने सच्चे साथियों से काम चला लेंगे- राजवीर कौर- मुंबई
खुशखबरी...खुशखबरी...बिनायक सेन को जमानत मिली. याहू...- रितिका मिश्रा, जयपुर
ये तो होना ही था- कुमुद, मेरठ
मैसेजेस के ढेर में से फिलहाल इतने ही. सारे टाइप करने बैठी तो करती ही रह जाऊंगी. हालांकि चाहती हूं कि ऐसी खबरों और मैसेजेस का सिलसिला जारी रहे...बिनायक सेन के अलावा भी लोग हैं जो ऐसे फैसलों की बाट जोह रहे हैं.
- प्रतिभा कटियार


